विद्युत आवेश की परिभाषा क्या है electric charge in hindi , आवेश के गुण , SI , CGS इकाई मात्रक
आवेश क्या है ?
- वैसा पदार्थ जिसे आ जाने से हल्की वस्तुओं को अपनी और आक्रर्षित करने का गुण आ जाता है, आवेश कहलाता है|
विद्युत क्षेत्र ( Electric Field):->
किसी विद्युत आवेश तथा आवेशों के समुदाय के चारों और का वह क्षेत्र जिसमे कोई अन्य आवेश एक विद्यत बल का अनुभव करता है, विद्युत क्षेत्र कहलाता है| कई आवेशो उपस्थित से सबके विधुत क्षेत्र परस्पर अध्यारोपित हो जाते हैं।
विद्युत क्षेत्र की तीव्रता ( Intensity of Electric field ) :-
1st परिभाषा
विधुत क्षेत्र में किसी बिन्दु पर रखे धन परीक्षण आवेश पर लगने वाले बल तथा धन- परीक्षण आवेश के परिमाण की निष्पति को उस बिन्दु पर विधुत क्षेत्र की तीव्रता कहते हैं।
2nd परिभाषा
एकांक आवेश के कारण उत्पन्न विधुतीय बल को विधुतीय तीव्रता कहा जाता है।
इसे प्रायः Ē ( सदिश E ) से प्रदर्शित करता है।
एकांक आवेश के लिए विधुतीय बल ( F )= (E -- विधुतीय तीव्रता)
q0आवेश के लिए विधुतीय बल F= q• E
Or=q0 • E= F ( सदिश रूप में)
# परीक्षण आवेश इतना छोटा होता है कि उसे विधुत क्षेत्र में लाने पर विधुत क्षेत्र की अवस्था ( परिमाण तथा दिशा) में कोई परिवर्तन नहीं होता।
विधुत क्षेत्र की तीव्रता एक सदिश राशि है तथा इसकी दिशा वही होती है।
विद्युतीय तीव्रता का SI मात्रक :-
विधुतीय तीव्रता का SI मात्रक न्यूटन / कूलॉम ( N/C ) होता है।
विद्युतीय तीव्रता= विधुतीय बल/ आवेश
Ē=N/C,
N•C^-1
जहाँ
N= न्यूटॉन है।
C= कूलॉम है।
विद्युतीय तीव्रता की विमा :-
विधुतीय तीव्रता का विमा [ MLT^-3A^-1 ] है।
विधुतीय तीव्रता= विधुतीय बल/आवेश
Ē=MLT^-2/AT1
= MLT^-3A^-1
# :-> जहाँ
=> बल की विमा ( MLT^-2 ) है।
=> आवेश की विमा ( AT ) है|
बहुल आवेशों के बीच बल:-
यदि किसी आवेश पर एक से अधिक अन्य आवेश बल लग रहा है तो आवेश पर परिणामी बल सभी बलो के सदिश योग के बराबर होता है
माना कि हमारे पास कोई q1 आवेश है, इस पर एक से अधिक आवेश बल लगा रहे हैं जिसका नाम q2,q3,----qn है|जो q1 आवेश पर बल आरोपित करेंगे|हम सभी आवेश को धनात्मक मानते हैं चाहे तो हम इसे ऋणात्मक भी मान सकते हैं हम सभी आवेश को धनात्मक माने है इसलिए q2,q3---qn q1 पर प्रतिकर्षण बल लगाएगा कूलाम के अनुसार आवेशों को मिलाने वाली रेखा के अनुदिश होता है|
अब हम चित्र से स्पष्ट करेंगे
चित्र से
------- (1)
------- (2)
------- (3)
समीकरण (1) और (2) तथा (3) से q1 पर परिणामी बल
Extra
विद्युत आवेशों के बीच लगने वाला पारस्परिक विद्युत बल्ब कूलाम के नियम से प्राप्त होता है| किंतु यदि किसी आवेश के चारों ओर बहुल (एक से अधिक) आवेश स्थित हो तो आवेश पर लगने वाला परिणामी विद्युत बल अध्यारोपण के सिद्धांत से प्राप्त होता है|
अब तक हमने ये देखा कि आवेश दो प्रकार के होते है
1) : धनात्मक
2) : ॠणात्मक
समान आवेश के बीच प्रतिक्रर्षण ( विक्रर्षण ) गुण होता है|
असमान आवेश के बीच आक्रर्षण गुण होता है|
अब हम विधुत आवेश के कुछ अन्य महत्वपूर्ण गुणो के बारे मे अध्ययन करेंगे|
1* विधुत आवेश की योज्यता (Additivity,Addition of Electric Charges)
आवेशो की योज्यता का वह गुण जिस कारण दो बिंदु आवेश q1 और q2 हो तो इस निकाय का कुल आवेश q1 तथा q2 को बीजगणितीय रीति से जोड़ने पर प्राप्त होता है , अर्थात् आवेशों को वास्तविक संख्याओं की भाँति जोड़ा जा सकता है अथवा आवेश द्रव्यमान की भाँति अदिश राशि है ।
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