💙🅆🄴🄻🄲🄾🄼🄴💙

LightBlog

Breaking

Showing posts with label Class 11 Chemistry. Show all posts
Showing posts with label Class 11 Chemistry. Show all posts

Sunday, 6 March 2022

March 06, 2022

विज्ञान किसे कहते है ? ( What is science ) || विज्ञान की परिभाषा क्या है ? ( What is science in hindi ) || विज्ञान क्या है ? ( What is Science )

विज्ञान क्या है ? ( What is Sciene ? )

   


विज्ञान वह व्यवस्थित ज्ञान या विद्या है जो विचार, अवलोकन , अध्ययन और प्रयोग से मिलती है जो किसी अध्ययन के विषय की प्रकृति या सिद्धांतों को जानने के लिए किए जाते हैं | विज्ञान शब्द का प्रयोग ज्ञान की ऐसी शाखा के लिए भी करते हैं जो तथ्य , सिद्धांत और तरीकों के प्रयोगों और परिकल्पना से स्थापित और व्यवस्थित करती है |

साइंस ( Science) यूनानी शब्द 'सियो ' ( Scio) से बना है, जिसका अर्थ है- जानना। विज्ञान का शाब्दिक अर्थ होता है - वि +ज्ञान अर्थात् विशिष्ट ज्ञान |

इस प्रकार हम कह सकते हैं कि प्रकृति के क्रमबद्ध एवं सुव्यवस्थित ज्ञान को विज्ञान कहते हैं | ऐसा कहा जाता है कि विज्ञान के ज्ञान - भंडार के बजाय वैज्ञानिक विधि विज्ञान की असली कसौटी है | या प्रकृति में उपस्थित वस्तुओं के क्रमबद्ध अध्ययन से ज्ञान प्राप्त करने को है विज्ञान कहते हैं | या किसी भी वस्तु के बारे में विस्तृत ज्ञान को ही विज्ञान कहते है । 

विज्ञान की कई शाखाएँ होती है -

जैसे :- भौतिक विज्ञान , रसायन विज्ञान , जीव विज्ञान

भौतिक विज्ञान( Physics) :-  विज्ञान की वह शाखा जिसमें पदार्थ के भौतिक गुणों का अध्ययन किया जाता है तथा प्रकृति में उपस्थित विभिन्न प्रकार की ऊजाओ का अध्ययन सुव्यवस्थित रूप से किया जाता है | 

              


भौतिक विज्ञान विभिन्न विषयो पर कार्य करता है। जैसे प्रकाश , यान्त्रिकी , उष्मा , ध्वनि, बिजली , चुम्बकत्व आदि। इन सभी विषयो पर भौतिक विज्ञान में विस्तार से अध्ययन किया जाता है और इनके गुणो के आधार पर हमारी दैनिक जीवन में इनको कैसे लाकर जीवन को अधिक सुविधाजनक बनाया जाए इसके बारे में अध्ययन किया जाता है।

 

रसायन विज्ञान (Chemistry) :- विज्ञान की वह शाखा जिसमे पदार्थ के संघटन , गुणधर्म और अन्योन्य क्रियाओ का अध्ययन किया जाता है।

         

        इसमें उन कणो , आयन , अणु , परमाणु आदि का अध्ययन किया जाता है जिसमे कोई पदार्थ या यौगिक बना होता है, तथा उन पदार्थो के क्या-क्या गुण है, उनकी अगर किसी अन्य पदार्थ से क्रिया करवाई जाती है तो परिणाम मे कया पदार्थ बनेगा और इसके गुण क्या क्या होगे इसका अध्ययन हम रसायन विज्ञान के अंतर्गत है।

जीव विज्ञान (Biology) :- विज्ञान की वह शाखा जिसमें जीवो के बारे मे अध्ययन किया जाता ह उसे जीव विज्ञान कहा जाता है।

        

      इसमें सजीवो के शरीर की बनावट कार्य प्रणाली प्रत्येक अंग की जानकारी तथा कार्य इत्यादि का कार्य इस जीव विज्ञान शाखा में किया जाता है।

जीव विज्ञान के दो शाखाएँ हैं ।

i) जन्तु विज्ञान ( Zoology) :-  जंतुविज्ञान जीव विज्ञान की ऐसी शाखा जिसमें जीवो के बारे में अध्ययन किया जाता बल्कि यूँ कहें की इसमें सिर्फ जीवो का ही नहीं बल्कि उनके वर्गीकरण , उनके जीवन का इतिहास , उसकी शारीरिक बनावट , उनका खानपान और उनके विकास के बारे में जानकारी इकट्ठा की जाती है।


ii) वनस्पति विज्ञान
( Botany) :-
 वनस्पति विज्ञान जीव विज्ञान की वह शाखा है जिसमें पेड़ पौधे के बारे में अध्ययन किया जाता है जिसमें पौधों के जीवन इसके द्वारा उत्पन्न होने वाली ऑक्सीजन उनके जीवन चक्र और पर्यावरण पर होने वाले उनके प्रभाव के बारे में अध्ययन करते हैं ।


                 जब आप 'विज्ञान ' शब्द सुनते हैं तो सबसे पहले आपके दिमाग में आने वाला सबसे पहले दृश्य होते हैं कुछ महान वैज्ञानिकों के नाम जैसे अल्बर्ट आइंस्टाइन , निकोला टेस्ला या विज्ञान के द्वारा निजात किए गए विभिन्न प्रकार के उपकरण जैसे सूक्ष्मदर्शी , तापमापी या फिर विज्ञान की कुछ अद्भुत शाखाएं जैसे अंतरिक्ष से संबंधित विज्ञान की शाखा , तारे , सूर्य , पृथ्वी आदि लेकिन विज्ञान केवल किसी एक विशेष ब्रांच या उपकरण का नाम नहीं है बल्कि विज्ञान बहुत ही अधिक विकसित है जिसे केवल किसी भाषा या किसी शब्द से नहीं बताया जा सकता है ।लेकिन हम विज्ञान उस ज्ञान को कह सकते हैं जो हमने लगातार मेहनत और प्रयोगो आदि के द्वारा अर्जित किया है और साथ ही विज्ञान में वह प्रक्रिया भी शामिल है जिसके द्वारा हम लगातार नया ज्ञान या खोज प्राप्त करने के प्रयास कर रहे जिसमें विभिन्न प्रकार के प्रयोग ,नियम और सिद्धांत शामिल किये जाते हैं।

विज्ञान को निम्न प्रकार से वर्गीकृत किया जा सकता है -

1 . प्राकृतिक विज्ञान :- जिसमे जीवन या जीवो आदि के बारे में अध्ययन किया जाता है तथा भौतिक पदार्थों का भी अध्ययन किया जाता है जैसे किसी पदार्थ का अध्ययन आदि को सम्मिलित रूप से प्राकृतिक विज्ञान कहा जाता है।

2. समाजिक विज्ञान :- जब लोगों और उनके समाज के बारे में विस्तार से अध्ययन किया जाता तो इस तरह के विज्ञान को सामाजिक विज्ञान कहते है ।

3. समान्य विज्ञान :- इसमें तार्किकता और गणित के समान समस्याओं को हल करने का अध्ययन किया जाता तो इसे सामान्य विज्ञान कहा जाता है ।

4. व्यावहारिक विज्ञान :- अब तक के वैज्ञानिको द्वारा अर्जित ज्ञान का प्रयोग करते हुए नए-नए साधनों ,मशीनों आदि का निर्माण करना इसे ही व्यवहारिक विज्ञान कहा जाता है।

Monday, 31 May 2021

May 31, 2021

कुलॉम् का नियम (coulomb`s law)


सन् 1785 इस्वी मै फ्रांसीसी वैज्ञानिक सी• ए• कुलॉम(C.A. Coulomb) ने दिया था |
दो स्थिर बिंदु आवेशो के बीच लगने वाले आकर्षण तथा प्रतिकर्षण बल दोनो आवेश के परिमानो के गुणनफल के समानुपाती ( अनुक्रमानुपाती)  तथा उनकें बीच की दूरी के वर्ग के व्युत्क्रमानुपाती होता है|यह बल आवेशो को मिलाने वाले रेखा के अनुदिश होता है|











 

 



    Note:-जहाँ F बल है, तथा q1 और q2 आवेश है|
                      तथा दुरी r है|


              समीकरण (1) और (2) से     
    
              
 















k - अनुक्रमानुपाती (समानुपाती) नियतांक होता है।


 k का मान 9×10^9N-m2/C2 होता है।


निर्वात में या वायु में k का मान 1/4πɛ0 होता है। जहां ɛनिर्वात की विद्युतशीलता कहलाती है।


अन्य माध्यम में k का मान  9×10^9 होता है|



ɛ0 का मान :



ɛ को परावैद्युत की विद्युतशीलता कहा जाता है तब,
     

कूलॉम के नियम का महत्व :-

1* कूलॉम का नियम केवल बिंदु आवेशों के लिए ही सत्य है|

2* कूलॉम का नियम बहुत बड़ी दूरी से लेकर बहुत छोटी दूरियों  ( जैसे -- परमाणवीय दूरी =10^-11 मीटर,नाभिकीय दूरियों = 10^-15 मीटर ) तक के लिए लागू होता है

3** कूलाम का बल हमें बताता है कि परमाणु के अंदर इलेक्ट्रॉन नाभिक से कैसे बंधा रहता है| परमाणु मिलकर अणु कैसे बनाते हैं| वांडरवाल कैसे कार्य करते है|परमाणु तथा अणु परस्पर बंधकर ठोसों तथा द्रवों की रचनाकैसे करते हैं| पदार्थ के बीच सभी यांत्रिक बल ( घर्षण श्यानता आदि ) भी विद्युत चुंबकीय बल पर आधारित है|विद्युत बल के कारण ही भारी नाभिक रेडियो एक्टिव होते हैं तथा यूरेनियम के आगे वाले भारी तत्व अस्थायी होते हैं|


Basic physics